आयकर कानून का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार दो महत्वपूर्ण उपकरणों का उपयोग करती है: स्रोत पर कर कटौती (TDS) और स्रोत पर कर संग्रह (TCS)। ये दोनों ही कर जमा करने के अग्रिम तरीके हैं, जो सरकार को एक नियमित राजस्व प्रवाह सुनिश्चित करने और कर चोरी को रोकने में मदद करते हैं। हर वित्तीय वर्ष की तरह, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए भी इन करों की दरें और नियम निर्धारित किए गए हैं।
यह लेख आपको वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लागू टीडीएस और टीसीएस की दरों, महत्वपूर्ण तिथियों और संबंधित प्रावधानों की एक व्यापक और सरल समझ प्रदान करेगा। चाहे आप एक वेतनभोगी कर्मचारी हों, एक व्यवसायी हों, या किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन करते हों, इन नियमों की जानकारी आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
स्रोत पर कर कटौती (TDS) क्या है?
टीडीएस (Tax Deducted at Source) का मतलब है कि आय के स्रोत पर ही कर की कटौती कर लेना।[1] जब कोई कंपनी या व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को कोई भुगतान करता है, तो भुगतान करने वाला (जिसे ‘कटौतीकर्ता’ या ‘Deductor’ कहा जाता है) कानून द्वारा निर्धारित दर पर एक निश्चित राशि काटकर शेष राशि का भुगतान करता है। काटी गई यह राशि सरकार के खाते में जमा कर दी जाती है। यह वेतन, ब्याज, कमीशन, किराया, पेशेवर शुल्क आदि जैसे विभिन्न भुगतानों पर लागू होता है।[1] जिस व्यक्ति का टैक्स काटा जाता है, वह अपनी कुल आयकर देनदारी के विरुद्ध इस कटौती का क्रेडिट क्लेम कर सकता है।
निवासियों के लिए TDS दरें (वित्तीय वर्ष 2025-26)
नीचे दी गई तालिका विभिन्न प्रकार के भुगतानों पर लागू टीडीएस दरों और उनकी सीमा को दर्शाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पैन (स्थायी खाता संख्या) होने पर दरें कम होती हैं, जबकि पैन न होने पर काफी अधिक दर से कटौती की जाती है।
भुगतान का प्रकार और लागू टीडीएस दरें
धारा | भुगतान का प्रकार (विवरण) | थ्रेसहोल्ड (सीमा) (रु.) | TDS Rate (%) (पैन होने पर) | टीडीएस दर (%) (पैन न होने पर) |
कं./फर्म/सहकारी समिति | व्यक्ति/HUF | |||
192 | वेतन (Salary) | 2,50,000 | लागू नहीं | औसत दर (नोट-1) |
194 | लाभांश (Dividend) | 10,000 | 10 | 10 |
194A | ब्याज (प्रतिभूतियों पर ब्याज के अलावा) | |||
– गैर-बैंकिंग (Non-Banking) | 10,000 | 10 | 10 | |
– बैंक (वरिष्ठ नागरिक) | 1,00,000 | 10 | 10 | |
– बैंक (वरिष्ठ नागरिक के अलावा) | 50,000 | 10 | 10 | |
194C | ठेकेदारों को भुगतान (ट्रांसपोर्टर के अलावा) | |||
– एकल लेनदेन | 30,000 | 2 | 1 | |
– वित्तीय वर्ष में कुल भुगतान | 1,00,000 | 2 | 1 | |
194D | बीमा कमीशन | 20,000 | 5 | 5 |
194H | कमीशन / ब्रोकरेज | 20,000 | 2 | 2 |
194I | किराया (Rent) | |||
– भूमि और भवन | 50,000 प्रति माह | 10 | 10 | |
– प्लांट / मशीनरी | 2 | 2 | 20 | |
194IA | अचल संपत्ति की खरीद (कृषि भूमि के अलावा) | 50,00,000 | 1 | 1 |
194IB | व्यक्ति/HUF द्वारा किराए का भुगतान (44AB में कवर नहीं) | 50,000 प्रति माह | 2 | 2 |
194IC | विकास समझौते के तहत भुगतान | कोई सीमा नहीं | 10 | 10 |
194J | व्यावसायिक या तकनीकी शुल्क | |||
– निदेशकों को भुगतान (वेतन के अलावा) | कोई सीमा नहीं | 10 | 10 | |
– कॉल सेंटर को भुगतान | 50,000 | 2 | 2 | |
– तकनीकी सेवा के लिए भुगतान | 50,000 | 2 | 2 | |
– अन्य को भुगतान | 50,000 | 10 | 10 | |
194M | व्यक्ति/HUF द्वारा अनुबंध, कमीशन, व्यावसायिक शुल्क का भुगतान (गैर-लेखापरीक्षा) | 50,00,000 | 2 | 2 |
194N | नकद निकासी (बैंक, डाकघर, सहकारी समिति से) | |||
– पिछले 3 वर्षों के रिटर्न दाखिल हैं | 1 करोड़/3 करोड़* | 2 | 2 | |
– रिटर्न दाखिल नहीं हैं | 20 लाख से 1 करोड़ | 2 | 2 | |
1 करोड़ से अधिक | 5 | 5 | ||
194O | ई-कॉमर्स प्रतिभागियों को भुगतान | 5,00,000 | 0.1 | 0.1 |
194Q | माल की खरीद (10 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले क्रेता) | 50,00,000 | 0.1 | 0.1 |
194R | व्यापार या पेशे का लाभ/अनुलाभ | 20,000 | 10 | 10 |
194S | वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) के लिए भुगतान | 50,000 / 10,000 | 1 | 1 |
194T | फर्म/एलएलपी द्वारा भागीदारों को भुगतान (ब्याज/पारिश्रमिक) | 20,000 | 10 | 10 |
*सहकारी समिति के ग्राहक के मामले में 3 करोड़।
TDS पर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण (Notes)
- वेतन पर टीडीएस (धारा 192): वेतन पर टीडीएस किसी निश्चित दर पर नहीं, बल्कि कर्मचारी द्वारा चुनी गई कर व्यवस्था (पुरानी या नई) के आधार पर लागू आयकर स्लैब दरों की ‘औसत दर’ पर काटा जाता है। इस पर लागू अधिभार (Surcharge) और 4% उपकर (Cess) भी जोड़ा जाता है।
- ट्रांसपोर्टरों को भुगतान: यदि कोई ट्रांसपोर्टर यह घोषणा करता है कि उसके पास वर्ष के दौरान किसी भी समय 10 से अधिक ट्रक नहीं हैं, तो उसके भुगतान पर टीडीएस नहीं काटा जाएगा। यह घोषणा प्राप्त करना भुगतानकर्ता की जिम्मेदारी है।
पैन कार्ड की अनिवार्यता और परिणाम
उपरोक्त तालिका से स्पष्ट है कि पैन कार्ड न होने की स्थिति में टीडीएस की दरें बहुत अधिक हैं, जो आमतौर पर 20% या उससे भी अधिक होती हैं।[2] सरकार ने पैन को कर अनुपालन के लिए एक अनिवार्य दस्तावेज बनाया है। यदि किसी व्यक्ति की आय पर टीडीएस कटना है, तो उसे अपना पैन नंबर कटौतीकर्ता को प्रदान करना अनिवार्य है, अन्यथा उसे उच्च दर पर कर का भुगतान करना होगा।[3]
फॉर्म 15G और 15H: TDS से बचने का एक कानूनी तरीका
यदि किसी व्यक्ति की अनुमानित कुल वार्षिक आय कर योग्य सीमा से कम है, तो वह टीडीएस कटौती से बचने के लिए फॉर्म 15G या 15H जमा कर सकता है।[4][5]
- फॉर्म 15G: यह 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) द्वारा भरा जा सकता है।[6]
- फॉर्म 15H: यह केवल 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए है।[6]
यह फॉर्म बैंक, कंपनियों या अन्य वित्तीय संस्थानों को यह घोषणा करने के लिए दिया जाता है कि आपकी आय पर कोई कर देनदारी नहीं बनती है, इसलिए स्रोत पर कर न काटा जाए।[4] यह ब्याज आय, किराया आय, लाभांश आय और बीमा कमीशन पर लागू होता है।
फॉर्म 15G/15H जमा करने की शर्त: यह फॉर्म तभी जमा किया जा सकता है जब वित्तीय वर्ष के लिए आपकी अनुमानित कुल आय पर बनने वाला अंतिम कर ‘शून्य’ हो।
स्रोत पर कर संग्रह (TCS) क्या है?
स्रोत पर कर संग्रह (Tax Collected at Source), टीडीएस के विपरीत, विक्रेता द्वारा क्रेता से वसूला जाता है।[7] इसमें, कुछ विशेष वस्तुओं या सेवाओं का विक्रेता, बिक्री मूल्य के साथ-साथ एक निश्चित प्रतिशत कर भी क्रेता से वसूलता है और उसे सरकार के पास जमा करता है। यह शराब, लकड़ी, तेंदू पत्ते, स्क्रैप, मोटर वाहन की बिक्री और विदेशी टूर पैकेज जैसे लेनदेन पर लागू होता है।
TCS दरें (वित्तीय वर्ष 2025-26)
नीचे दी गई तालिका विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर लागू टीसीएस दरों को दर्शाती है।
धारा | लेन-देन का प्रकार | थ्रेसहोल्ड (सीमा) (रु.) | टीसीएस दर (%) (रिटर्न दाखिल होने पर) | टीसीएस दर (%) (पैन न होने पर) |
कं./फर्म/सहकारी समिति | व्यक्ति/HUF | |||
206C(1) | स्क्रैप (Scrap) | कोई सीमा नहीं | 1 | 1 |
206C(1F) | मोटर वाहन की बिक्री | 10,00,000 | 1 | 1 |
206C(1F) | लग्जरी वस्तुओं की बिक्री | 10,00,000 | 1 | 1 |
206C(1G) | शिक्षा ऋण के अलावा विदेशी प्रेषण | 10,00,000 | 5 | 5 |
206C(1G) | शिक्षा ऋण से विदेशी प्रेषण | – | टीसीएस लागू नहीं | – |
206C(1G) | विदेशी टूर पैकेज/अन्य विदेशी प्रेषण | कोई सीमा नहीं | 20 | 20 |
TDS/TCS अनुपालन: महत्वपूर्ण तिथियां और दंड
टीडीएस/टीसीएस का समय पर काटना/एकत्र करना और उसे सरकार के पास जमा करना एक कानूनी बाध्यता है। इसमें देरी या चूक पर गंभीर दंड का प्रावधान है।
देरी से जमा करने पर ब्याज:
- देरी से कटौती/संग्रह: यदि टीडीएस/टीसीएस काटने या एकत्र करने में देरी होती है, तो देय तिथि से वास्तविक कटौती/संग्रह की तारीख तक 1% प्रति माह की दर से ब्याज लगेगा।
- कटौती/संग्रह के बाद देरी से भुगतान: यदि कर काट/एकत्र कर लिया गया है लेकिन सरकार को भुगतान करने में देरी होती है, तो कटौती/संग्रह की तारीख से भुगतान की तारीख तक 1.5% प्रति माह की दर से ब्याज देय होगा।[8]
रिटर्न दाखिल करने और प्रमाण पत्र जारी करने की नियत तिथियां
अनुपालन का एक और महत्वपूर्ण पहलू है समय पर टीडीएस/टीसीएस रिटर्न दाखिल करना और संबंधित प्रमाण पत्र (जैसे फॉर्म 16/16A) जारी करना।
अवधि | भुगतान की अंतिम तिथि | टीडीएस रिटर्न दाखिल करना | टीसीएस रिटर्न / 15G-H दाखिल करना | प्रमाण पत्र जारी करना |
अप्रैल 2025 | 07.05.2025 | 30.07.2025 (TCS) | ||
मई 2025 | 07.06.2025 | 31 जुलाई, 2025 | 15 जुलाई, 2025 | 15.08.2025 (TDS) |
जून 2025 | 07.07.2025 | |||
जुलाई 2025 | 07.08.2025 | 30.10.2025 (TCS) | ||
अगस्त 2025 | 07.09.2025 | 31 अक्टूबर, 2025 | 15 अक्टूबर, 2025 | 15.11.2025 (TDS) |
सितंबर 2025 | 07.10.2025 | |||
अक्टूबर 2025 | 07.11.2025 | 30.01.2026 (TCS) | ||
नवंबर 2025 | 07.12.2025 | 31 जनवरी, 2026 | 15 जनवरी, 2026 | 15.02.2026 (TDS) |
दिसंबर 2025 | 07.01.2026 | |||
जनवरी 2026 | 07.02.2026 | 30.05.2026 (TCS) | ||
फरवरी 2026 | 07.03.2026 | 31 मई, 2026 | 15 मई, 2026 | 15.06.2026 (TDS) |
मार्च 2026 | 30.04.2026 (TDS), 07.04.2026 (TCS) | 15.06.2026 (वेतन सहित) |
देरी से रिटर्न दाखिल करने पर शुल्क:
यदि टीडीएस/टीसीएस रिटर्न नियत तारीख के बाद दाखिल किए जाते हैं, तो 200 रुपये प्रति दिन का विलंब शुल्क लगाया जाता है, जब तक कि शुल्क की राशि कुल टीडीएस/टीसीएस राशि से अधिक न हो जाए।
निष्कर्ष
टीडीएस और टीसीएस भारतीय कर प्रणाली के अभिन्न अंग हैं जो कर संग्रह प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित दरों और नियमों का पालन करना सभी करदाताओं, कटौतीकर्ताओं और संग्रहकर्ताओं के लिए अनिवार्य है। समय पर अनुपालन न केवल आपको भारी ब्याज और दंड से बचाता है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में आपके कर्तव्य को भी पूरा करता है। यह सलाह दी जाती है कि अपने वित्तीय लेनदेन पर लागू टीडीएस/टीसीएस प्रावधानों को समझें, पैन कार्ड को हमेशा अपडेटेड और उपलब्ध रखें, और अनुपालन के लिए निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन करें। किसी भी संदेह की स्थिति में, किसी कर सलाहकार से परामर्श करना एक विवेकपूर्ण कदम होगा।
Discover more from Finance and Taxation
Subscribe to get the latest posts sent to your email.